21 दिसंबर 2011 - 20:30

ज्ञात रहे देश के उपराष्ट्रपति पर मौत का दस्ता संचालित करने के आरोप में सज़ा सुनाई गई है, औऱ प्रधानमंत्री ने धमकी दी है कि वे गठबंधन तोड़ सकते हैं.....

अमरीकी सेना के निष्कासन के बाद अमरीका षड़यंत्र के कारण राजनीतिक संकट का सामना कर रहे इराक की राजधानी बगदाद में बृहस्पतिवार को हुए बम धमाकों में कम से कम 60 की मौत हो गई और 185 लोग घायल हो गए।

ज्ञात रहे देश के उपराष्ट्रपति पर मौत का दस्ता संचालित करने के आरोप में सज़ा सुनाई गई है, औऱ प्रधानमंत्री ने धमकी दी है कि वे गठबंधन तोड़ सकते हैं। अमेरिकी सैनिकों की देश से वापसी के कुछ ही दिनों बाद बगदाद पर यह बड़ा हमला है। जिस प्रकार भारत से जाते समय अंग्रोज़ों ने भारतियों में फ़ूट डलवाई थी और जिसका ख़ामियाज़ा आज तक आज तक जनता को भुगतना पड़ रहा है उसी प्रकार अमरीकी सेना ने इराक़ छोड़ा ज़रूर है परन्तु सद्दाम हुसैन के बाद से संगठित जनता के बीच झगड़े का बीच बो दिया है जिसके परिणाम स्वरूप संप्रदायिक तनाव के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी बम धमाकों की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इसके पीछे अल कायदा जैसे वहाबी आतंकियों का हाथ माना जा रहा है जिन्हें अमरीका का गुप्त समर्थन प्राप्त है।

इराक़ के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ियाद तारिक़ ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह बग़दाद में हुए दस बम धमाकों में 60 लोग हताहत और 185 अन्य घायल हो गए। यह धमाके एसे समय हुए हैं कि जब यह देश राजनैतिक संकट से जूझ रहा है। सोमवार को इराक़ के गृह मंत्रालय ने उप राष्ट्रपति तारिक़ अलहाशेमी के विरुद्ध गिरफ़तारी वारंट जारी किया है। गिरफ़तारी के वारंट उस समय जारी किए गए जब तारिक़ अलहाशेमी के तीन अंग रक्षकों ने इक़बालिया बयान दिया कि अलहाशेमी ने उन्हें आतंकवादी आक्रमणों के आदेश दिए थे। अलहाशेमी ने आतंकवादी कार्यवाहियों में लिप्त होने के आरोप का खंडन किया है और वे इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र की ओर भाग गए हैं। गिरफ़तारी के वारंट जारी होने के बाद तारिक़ अलहाशेमी की पार्टी अलइराक़िया ने मंत्रिमंडल और संसद की बैठक का बहिष्कार कर दिया। प्रधानमंत्री नूरी अलमालेकी ने कहा है कि यदि अलइराक़िया के नेता मंत्रिमंडल की बैठक से अनुपस्थित रहते हैं तो वे नए मंत्रियों को मनोनीत करेंगे।

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